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सलाह किससे लेनी चाहिए। अविनाश पाठक

कौन सी विचार विमर्श (सलाह)किससे लेनी चाहिए ?  🕉️ आध्यात्म और धर्म की की सलाह, जानकारी,ब्राह्मण कर्म करने वाले से  जिसने वह अभ्यास किया हो।  इनकी फीस नही होती पर दक्षिणा  -₹501  , मांगते नही पर स्वयं दे  सावधान 5 लाख तक है आजकल रहें कोई संत भेष में कोई बिचौलिया न मिल जाएं  लाखो रूपए लेने वाले धर्म के जानकार नही व्यापारी है। धर्म व्यापार नही ।  समय हो तो स्वयं शास्त्र पढ़े  💰 अर्थ धन संवधि सलाह  व्यापर कैसे करना है कैसे, लाभ बड़े  ये सब ' बिजनेस कोच ' करते हैं । जो इसे सीखते है इनकी फीस, 10 हजार से लेकर 10 लाख तक के कोच है भारत में ।  मैने 126 कम्पनी और ब्रांड बनाए है में आर्थिक सलाहकार की फीस  132$ लेता हूं।  ( तन) - शरीर स्वास्थ की सलाह  आयुर्वेद, योग अभ्यास करने वाले  फिटनेस कोच से लेनी चाहिए। जिसको इस क्षेत्र का अनुभव हो । जिसने इसे सीखा हो। इनकी फीस महीने की 3000 से 90000 तक है ।  पर आप तन की बात, लेख पड़कर स्वस्थ रह सकते है  कानून संबधी सलाह   वकील जिसके पास अनुभव हो, इनकी सला...

पृथ्वी पर रहने वाली जातिया । अविनाश पाठक

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( आर्यावर्त के इतिहास वेदों अनुसार , भागवत गीता कर्मयोग ) तो मानव जाति के 4 कर्म है ब्रह्माण्ड के 3 गुणों के आधार पर  + सात्विक,  0 राजसिक,  - तामसिक  ब्राह्मण कर्म - आध्यात्मिक, शिक्षा, देने वाले  क्षत्रिय कर्म - जीव रक्षा करने वाले (Spiritual Education) सेना/ राजनीति करने वाले (army & political) वैश्य कर्म - व्यापार करने वाले (bussiness sector) शूद्र कर्म - नौकरी करने वाले .. सबसे बडा सबसे जरुरी  ..(Service sector) भारतीय समाज में चारो सबसे जरुरी है  अब कुल केवल 3 है ☀️ सूर्यवंश - जो दिन में पैदा होते हो  🌕 चंद्रवंश  - जो रात में पैदा होते हो  🌳📚🖋️ब्राह्मण वंश - गुरुकुल , शिक्षा सबसे जरुरी मानी जाती रही है ।  🌍 गोत्र केवल 7 है पूरी पृथ्वी पर उनके 115 उपगोत्र फैले है । गोत्र हमे पूर्वजों का इतिहास बताता है ।  अगर तुमने पूरा पड़ा है तो इसमें एक भी भेदभाव बाली बात बताओ, समाज में भेदभाव पैदा करने वाले नीच राक्षस फिलहाल नेता हैं।  © अविनाश पाठक 

Curruptinon frame of Bharat । Social Comedy

IAS में GS -4 का एथिक्स विषय  जिसमे सत्य, मूल्य आदि बताए जाते है  मैं कितने ही ias/ips से मिला  आज तक एक भी ईमानदार ias/ips से न मिला  कुछ दल्ले थे, कुछ डरपोक, कुछ चाटुकार , कुछ पद के मद में अंधे थे तब समझ आता है व्यतित्व, किताबे, पद तो नही बनाती  इस पुरे भारत के लोकसेवक से सवाल है क्या तुम बोल सकते हो मैने रिश्वत नही ली ? या डर के बिना काम किया? गलत को गलत बोला  मैने अपने जीवन में किसी को साहब शब्द नही बोला ,  क्योंकि ये जनता के जूते लायक है, सम्मान कमाया जाता है,  धन को वैश्या भी कमा लेती हैं।  मैने अपने जीवन के सबसे कीमती समय महान भारत के चिंतन में दिए हैं। मुझे भारत की चिंता है।  घटिया कानून, अनुशासन हीन,लोकसेवक धनतंत्र, परिवारवाद और क्षेत्र वाद देश को खोखला कर रहा है।  अगर आप गलत को गलत नही बोल सकते तो मनुष्य नही भेड़ हो तुम....

वंश वृक्ष। अविनाश पाठक

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 भारत में बस 7 वंश चल रहे हैं जो 115 उपगोत्र में विभाजित हुए  और अंग्रेजो ने जाति बाटी, वरना मानव जाति राष्ट्र धर्म के आलावा 4 वर्ण यानी (कर्म) ही है पूरी दुनिया में। बड़ा जरूरी है की हमे अपने, पूर्वजों के कर्म, पता हो ताकि हम उस कार्य को आगे ले जा सके  हम सामवेद कुल के भार्गव वंश से है जिसमें,  युद्ध कला के जनक परशुराम, असुर गुरु शुक्राचार्य आते हैं। शिक्षा, युद्धकला, आयुर्वेद, संगीत कार्य है । जीव हित के लिए जीते है। पंडित श्री रामचरण पाठक जी  (कर्मयोगी) वनारस से आचार्य संस्कृत विद्वान, वागेस्वरी पीठमें तप दिया   इनकी कहानियां गांव में सुनी जा सकती है, पढ़ने के शौकीन, और सरल परिधान पहनने वाले ।  इनके दो पुत्र  १.पंडित श्री सतानंद पाठक (कर्मयोगी) BAMS , गांव का पहला असपताल, शिक्षा की शुरुआत  इनकी पत्नी मेरी दादी, शांति देवी इंग्लिश MA, शिक्षक रही  २.संत श्री प्रभुदयाल पाठक  (वागेस्वरी भक्त ) बगलामुखी तंत्र, वागेस्वरी पीठ की में पुरे जीवन तप दिया  समाज सेवा, अनुशासन के प्रतीक  पंडित श्री सुनील पाठक  (...

सबसे युवा सांसद प्रत्याशी 46 झांसी ललितपुर लोकसभा - अविनाश पाठक

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तस्वीर प्रमाण पत्र  सबसे युवा सांसद प्रत्याशी 46 झांसी ललितपुर लोकसभा  एड. अविनाश पाठक