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Curruptinon frame of Bharat । Social Comedy

IAS में GS -4 का एथिक्स विषय  जिसमे सत्य, मूल्य आदि बताए जाते है  मैं कितने ही ias/ips से मिला  आज तक एक भी ईमानदार ias/ips से न मिला  कुछ दल्ले थे, कुछ डरपोक, कुछ चाटुकार , कुछ पद के मद में अंधे थे तब समझ आता है व्यतित्व, किताबे, पद तो नही बनाती  इस पुरे भारत के लोकसेवक से सवाल है क्या तुम बोल सकते हो मैने रिश्वत नही ली ? या डर के बिना काम किया? गलत को गलत बोला  मैने अपने जीवन में किसी को साहब शब्द नही बोला ,  क्योंकि ये जनता के जूते लायक है, सम्मान कमाया जाता है,  धन को वैश्या भी कमा लेती हैं।  मैने अपने जीवन के सबसे कीमती समय महान भारत के चिंतन में दिए हैं। मुझे भारत की चिंता है।  घटिया कानून, अनुशासन हीन,लोकसेवक धनतंत्र, परिवारवाद और क्षेत्र वाद देश को खोखला कर रहा है।  अगर आप गलत को गलत नही बोल सकते तो मनुष्य नही भेड़ हो तुम....

पेड़ के एहसान और आप....

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बहुमुल्य  वृक्ष धन पतंगों के बीच में  रुपये 30 प्रति फुट से बिकता है 100-200 मे अच्छा वृक्ष  लगाना कोई बड़ी बात नही उसकी सुरक्षा ज्यादा जरूरी है ट्री गार्ड 500-600 का  10 (800 )डॉलर में पेड़ लग गया पर साल भर पानी? चलो 300 रुपये महीने किसी को देकर ये भी करवा दिया  3600 + 800 = ₹ 4600 रुपये में एक पेड़ 🌳  अब जरा ये सुनो एक दिन में ₹ 5000  की ऑक्सीजन प्रयोग करते हो ये कीमत भारत में हो इसलिए विकसित देशों में 50000/ दिन कम से कम कोरोना का याद है न? जान पर बन आये तो हम अलग लेवल के सजग होते है  अभी और सुनो तुम........  और साल मे 5 पेड़ की ऑक्सीजन पर सबसे जरूरी तुमने लगाए कितने??? अच्छे इंसान का भी माप दंड नही है गलत अविनाश की कलम ये तय कर चुकी हैं ।  दुनिया में 30 साल जिये हो तो 150 पेड़ लगाना कोई एहसान नही मुझे हमेशा लगता था लोग प्रेम और सत्य को ज्यादा  मानते होंगे, पर चार प्रकार के मानव है उत्तम, मध्यम अधम, खल, तो उनके दुनिया देखने के 4 नजरिये भी होंगे  उत्तम व्यक्ति तो साथ है मध्यम भी आ जाता है, अधम और खल जिसस...