Aryan Standards of Life | Avinash Pathak


इस दुनिया पर पूंजी बड़ी बाजारवाद का कब्जा है इसलिए 
टीवी, मोबाइल देखकर मनुष्य भौतिक वस्तुओं के संग्रह को 
जीवन के मानक समझने लगता है। Western देशों का मानक धन है , एशिया में कर्म, धन तो कोई भी कमा सकता है। वेस्टर्न देशों में बुद्धि,की कमी हमेशा से रही है। जो विदेशी संस्कृति के गुलाम है उन्हें ये सच महसूस करना चाहिए शुरू से शुरू करते है। 
जीवन क्या है पहले इसे समझते है। 
पृथ्वी पर 828 करोड़ मानव जाति हो चुकी है।
पर जीवन के मानव इस धरती पर सर्वप्रथम हमारे आर्यावर्त में ही लिखे गए थे , जो बिल्कुल समय हीन है , आज से हजार साल बाद भी सही होगे। 
मानव जाति 4 प्रकार की है , (उत्तम,मध्यम,अधम, खल)
और ये कर्म पर आधारित है। यानी भेदभाव का सवाल ही नहीं 


क जीवन में कई चीजें हैं 
 1.आध्यात्मिक जीवन - मनुष्य ही कर सकते है। या को खोजेंगे या फॉलो करोगे जिन्होंने खोज की वो संत,ऋषि, ईशा बुद्ध बने बाकी अनुयायि (20%)
2.सामाजिक जीवन - 197 देश, वृक्ष जाति, पशु जाति, मानव जाति यानि= समाज 🇮🇳। तुम्हारी दुनिया कितनी बड़ी है ये सोचने वाली है 
(20%)
3. राजनीतिक जीवन - जागरूक नागरिक है या नहीं (20%)
4. व्यापारिक जीवन - आर्थिक पहलू की समझ किस स्तर की है(20%)
5.सेवा भाव - यह बताता है आपके अंदर कितनी मानवता है । (20%)

समाजशास्त्र के अनुसार मानक (विज्ञान अनुसार) 
🌳शुद्ध हवा (AQI 50 से नीचे) 
💧शुद्ध जल (केमिकल मुफ्त)
🍛 सात्विक भोजन (केमिकल मुफ्त )
अगर ये है तो आप दुनिया के टॉप 10% में है 
घर है कपड़े है तो टॉप 5% 
इसे एक शब्द में कहा जा सकता है सात्विक 


किसी व्यक्ति का आकलन भी पाठक पंच सिद्धांत अनुशासन के अनुसार किया जा सकता है
बल 🔱 - कितना बल है ... (30%)
 बुद्धि📚- शिक्षा है पर क्या संस्कार भी है (30%)
विद्या 🧠- स्किल्स कितनी विद्याएं है (20%)
भक्ती 🔱-  belife सिस्टम (🇮🇳 भारतीय है या) (20%)
धन - ये कोई भी कभी भी बना सकता है इसको न देखे 
इन 5 के आधार पर , तुलना की जानी चाहिए।

पूरी दुनिया केवल आखिरी मानक धन, भौतिक वस्तुओं से आकलन करते है जबकि वह जीवन का 20% भर है। 

The Aryan Culture 🇮🇳 Standard 
🌳Satvik 1st Class 
Rajsik 2nd class 
Tamisk 4th class 

🌍🇮🇳 - सात्विक कर्म उच्चता है। , 
🌳- सात्त्विक विचार उच्चता है।, क्योंकि अपने साथ दूसरों का हित भी है 🌳- सात्विक भोजन उच्च भोजन है। केमिकल, प्लास्टिक का (तामसिक 3rd class)
राजसिक अज्ञानी, तामसिक खल ये नहीं समझ सकते
🇮🇳 आर्य नीति: कर्मवाद 

धर्म क्या है ? सत (यानी सत्य) 
सात्विक भोजन ( शाकाहारी) जिस भोजन में किसी को हिंसा न हो 
सात्विक वाणी - जिस वाणी में सत्य हो, पर कटुता, मत्सर (ईर्ष्या) न हो । सात्विक विचार - जो अन्य जीवो के हित के लिए सोचे। किसी की बुराई न सोचे     सच्चे कर्म ही भक्ति है। ~ श्री कृष्ण संदेश 
🌳 विश्व आर्य परिषद द्वारा मानव जाति हित में जारी

जीवन में उच्च कर्म , उच्च विचार रखना आप उच्चता को प्राप्त जरूर करेंगे। 



लेखक & फाउंडर UHO 



टिप्पणियाँ

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

कर्मवाद और राष्ट्रवाद 🇮🇳 का संदेश देता आर्यवर्त| अविनाश पाठक

अविनाश पाठक 12 साल R&D 📚 के