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Curruptinon frame of Bharat । Social Comedy

IAS में GS -4 का एथिक्स विषय  जिसमे सत्य, मूल्य आदि बताए जाते है  मैं कितने ही ias/ips से मिला  आज तक एक भी ईमानदार ias/ips से न मिला  कुछ दल्ले थे, कुछ डरपोक, कुछ चाटुकार , कुछ पद के मद में अंधे थे तब समझ आता है व्यतित्व, किताबे, पद तो नही बनाती  इस पुरे भारत के लोकसेवक से सवाल है क्या तुम बोल सकते हो मैने रिश्वत नही ली ? या डर के बिना काम किया? गलत को गलत बोला  मैने अपने जीवन में किसी को साहब शब्द नही बोला ,  क्योंकि ये जनता के जूते लायक है, सम्मान कमाया जाता है,  धन को वैश्या भी कमा लेती हैं।  मैने अपने जीवन के सबसे कीमती समय महान भारत के चिंतन में दिए हैं। मुझे भारत की चिंता है।  घटिया कानून, अनुशासन हीन,लोकसेवक धनतंत्र, परिवारवाद और क्षेत्र वाद देश को खोखला कर रहा है।  अगर आप गलत को गलत नही बोल सकते तो मनुष्य नही भेड़ हो तुम....

वंश वृक्ष। अविनाश पाठक

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 भारत में बस 7 वंश चल रहे हैं जो 115 उपगोत्र में विभाजित हुए  और अंग्रेजो ने जाति बाटी, वरना मानव जाति राष्ट्र धर्म के आलावा 4 वर्ण यानी (कर्म) ही है पूरी दुनिया में। बड़ा जरूरी है की हमे अपने, पूर्वजों के कर्म, पता हो ताकि हम उस कार्य को आगे ले जा सके  हम सामवेद कुल के भार्गव वंश से है जिसमें,  युद्ध कला के जनक परशुराम, असुर गुरु शुक्राचार्य आते हैं। शिक्षा, युद्धकला, आयुर्वेद, संगीत कार्य है । जीव हित के लिए जीते है। पंडित श्री रामचरण पाठक जी  (कर्मयोगी) वनारस से आचार्य संस्कृत विद्वान, वागेस्वरी पीठमें तप दिया   इनकी कहानियां गांव में सुनी जा सकती है, पढ़ने के शौकीन, और सरल परिधान पहनने वाले ।  इनके दो पुत्र  १.पंडित श्री सतानंद पाठक (कर्मयोगी) BAMS , गांव का पहला असपताल, शिक्षा की शुरुआत  इनकी पत्नी मेरी दादी, शांति देवी इंग्लिश MA, शिक्षक रही  २.संत श्री प्रभुदयाल पाठक  (वागेस्वरी भक्त ) बगलामुखी तंत्र, वागेस्वरी पीठ की में पुरे जीवन तप दिया  समाज सेवा, अनुशासन के प्रतीक  पंडित श्री सुनील पाठक  (...

सबसे युवा सांसद प्रत्याशी 46 झांसी ललितपुर लोकसभा - अविनाश पाठक

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तस्वीर प्रमाण पत्र  सबसे युवा सांसद प्रत्याशी 46 झांसी ललितपुर लोकसभा  एड. अविनाश पाठक